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डीएम ने तीन दिन में पंजीकरण कराने के दिए निर्देश, इसके बाद चलेगा विशेष अभियान
कानपुर नगर। जनपद में बिना पंजीकरण संचालित एआरटी, सरोगेसी एवं आईवीएफ केंद्रों के खिलाफ अब विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने ऐसे सभी केंद्र संचालकों को तीन दिनों के भीतर नेशनल एआरटी एवं सरोगेसी रजिस्ट्री पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि के बाद बिना पंजीकरण केंद्र संचालित पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला जननीय प्रौद्योगिकी एवं सरोगेसी बोर्ड की पहली बैठक हुई। बैठक में सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021 तथा सहायता प्राप्त जननीय प्रौद्योगिकी (एआरटी) (विनियमन) अधिनियम, 2021 के प्रभावी अनुपालन, केंद्रों के पंजीकरण, निरीक्षण और प्रवर्तन संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि बिना वैध पंजीकरण के सरोगेसी, आईवीएफ अथवा अन्य एआरटी सेवाओं का संचालन दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में अधिनियम के तहत 10 वर्ष तक के कारावास और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने अधिकारियों को जनपद में संचालित सभी अपंजीकृत केंद्रों की पहचान कर उनके खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि एआरटी बैंक एवं एआरटी क्लिनिक लेवल-1 के पंजीकरण के लिए 50-50 हजार रुपये, जबकि एआरटी क्लिनिक लेवल-2 एवं सरोगेसी क्लिनिक के लिए दो-दो लाख रुपये पंजीकरण शुल्क निर्धारित है। पंजीकरण से पहले संबंधित परिसर का स्थलीय निरीक्षण भी अनिवार्य होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि जनपद में अब तक 19 आवेदकों द्वारा कुल 25 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन सहित जिला बोर्ड के सदस्य और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक सरोगेसी, उसका प्रचार-प्रसार, लिंग चयन तथा अधिनियम के विपरीत भ्रूण अथवा युग्मक के भंडारण पर पूरी तरह रोक है।

