गगनेश तिवारी ब्यूरो शब्द मेल समाचार बिल्हौर कानपुर नगर
बिलहौर, कानपुर नगर:
भीषण गर्मी में पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे ग्राम गजना के ग्रामीणों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। उपजिलाधिकारी द्वारा पेयजल समस्या के समाधान और आपूर्ति बहाल करने के सख्त आदेश दिए जाने के बाद भी, जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
*अधिकारी के आदेश ठंडे बस्ते में*
बता दें कि ग्राम गजना में प्रधानमंत्री पेयजल मिशन के तहत अधूरी पड़ी पानी की टंकी और एक सप्ताह से बंद पड़ी सप्लाई को लेकर ग्रामीण लक्ष्मीशंकर पाठक व अन्य ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के जेई (J.E.) हर्षित पाल को तत्काल फाल्ट सुधारकर पानी सप्लाई बहाल करने का आदेश दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि उपजिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश के बावजूद, संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था द्वारा अब तक कोई सुध नहीं ली गई है।
*गर्मी में हैंडपंप भी सूखे, ग्रामीणों का जीना दूभर*
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पहले से ही पेयजल का भारी संकट है और सरकारी हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। एकमात्र सहारा बनी पाइपलाइन की सप्लाई बंद होने से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बूंद-बूंद पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। टंकी निर्माण का कार्य देख रहे ठेकेदार निधर्ष मिश्रा की लापरवाही के कारण गांव की जनता भीषण गर्मी में भी प्यासी है।
*कार्यवाही न होने से नाराजगी*
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की सप्लाई बहाल नहीं की गई और दोषी ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे। आखिर जिम्मेदार अधिकारी एसडीएम के आदेशों को धता बताकर ग्रामीणों को प्यासा क्यों मार रहे हैं? यह सवाल अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

