गांधी चबूतरा पर जुटे एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान, आलू नीति बनाने सहित पांच प्रमुख मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
गगनेश तिवारी ब्यूरो शब्द मेल समाचार बिल्हौर कानपुर नगर
बिल्हौर, कानपुर नगर। आलू किसानों की लगातार हो रही आर्थिक बर्बादी को रोकने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की मांग को लेकर शुरू किए गए आलू आंदोलन की एक महत्वपूर्ण किसान सभा रविवार को जनपद कानपुर नगर के ग्राम बकोठी स्थित गांधी चबूतरा पर सम्पन्न हुई। सभा में एक दर्जन से अधिक गांवों के किसानों ने भाग लेकर सरकार से तत्काल आलू नीति बनाए जाने सहित पांच प्रमुख मांगों को पूरा करने की मांग की।
सभा में किसानों ने निर्णय लिया कि आगामी 7 सितंबर 2026 से फर्रुखाबाद से शुरू होने वाले प्रदेशव्यापी किसान आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होकर आलू किसानों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।
सभा में पहुंचने पर किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल का उपस्थित किसानों ने जोरदार स्वागत किया। किसानों को संबोधित करने के बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने किसानों के साथ सिर पर आलू की बोरी रखकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
जब तक आलू नीति नहीं, तब तक पांच मांगें तत्काल माने सरकार : अजय अनमोल
किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने कहा कि आलू किसानों की बार-बार हो रही बर्बादी को रोकने के लिए सरकार को तत्काल प्रभाव से स्थायी और प्रभावी आलू नीति बनानी चाहिए, जिससे किसानों को हर वर्ष भाव गिरने और नुकसान उठाने की चिंता से मुक्ति मिल सके।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार आलू नीति नहीं बनाती, तब तक किसानों को बचाने के लिए उनकी पांच प्रमुख मांगों को तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाना चाहिए।
किसानों की प्रमुख मांगें
उन्होंने सरकार के समक्ष मांग रखी कि—
कोल्ड स्टोरेज में आलू के भंडारण का पूरा शुल्क सरकार द्वारा वहन किया जाए।
आलू पर लगने वाला मंडी शुल्क समाप्त किया जाए।
हाइब्रिड आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1000 रुपये प्रति कुंतल तथा चिप्सोना एवं हॉलैंड आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1500 रुपये प्रति कुंतल घोषित किया जाए। बाजार भाव कम होने की स्थिति में समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर की राशि सरकार किसानों को दे।
आलू को देश के किसी भी हिस्से में भेजने के लिए रेल भाड़ा निःशुल्क किया जाए।
आलू निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आलू को निर्यात प्रतिबंधों से पूरी तरह मुक्त किया जाए तथा निर्यातकों को परिवहन पर मिलने वाले 25 प्रतिशत अनुदान को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए।
अजय अनमोल ने कहा कि सरकार को किसानों की पांचों मांगों पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात सुनते हुए उनकी सरकारों को समर्थन दिया है, अब सरकार को भी किसानों के दिल की बात सुनते हुए आलू नीति बनाकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही आलू किसानों को न्याय नहीं मिला और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले चुनावों में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
सभा में किसान नेता विजय कटियार, रामेंद्र कटियार प्रधान, अनिल कटियार प्रधान, मुकेश कटियार प्रधान, सरोज कटियार, गजेंद्र कटियार, विनय सिंह तोमर, राधेश्याम कमल, सोनू मिश्रा, सुनील कटियार, पुत्तन, अभय सिंह सेंगर, अकील अहमद सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

